Friday, March 2, 2012

Guarantee, گارنٹی : (Urdu/Hindi); Afsancha; Laghu Kahani; افسانچہ

Guarantee, گارنٹی :
(Urdu/Hindi)
Afsancha; Laghu Kahani; افسانچہ 

गारंटी

कल रात जब मैं क्लब से लौट रहा था तो बिरला चौक की रेड लाइट पर अपनी कार कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी। अकस्मात फटे पुराने, मैले कुचैले कपडे पहने हुए एक चौदह पंद्रह वर्ष का लड़का  दौड़ कर करीब आया और दोनों हाथ फैलाने लगा, "साहब, बहुत भूख लगी है. कुछ पैसा देदो. भगवान आप का भला करेगा।"
साथ वाली सीट पर बैठा मेरा दोस्त झिल्लाया और लड़के से कहने लगा, "कोई काम क्यूँ नहीं करते। तुम लोगों को भीख मांगने की आदत पड गयी है।"
"साहब काम मिलता ही कहाँ है। आप ही मुझे अपने घर में नौकर रख लो. मैं हर काम करने के लिए तैयार हूँ।" उसके चेहरे पर आत्मविश्वास झलक रहा था। 
मेरा दोस्त खिसयाना हो कर रह गया। 
मैं अपने दोस्त की तरफ मुढ़ा और व्यंगात्मक लहजे में कहने लगा। "हाँ ठीक ही तो कहता है। तुम तो नौकर ढूंढ ही रहे हो। रख लो इसी को नौकर।" 
"ना जान ना पहचान। यार कैसे रखूँ इसको नौकर। क्या गारंटी है इसकी? कौन है? कहाँ का है? किसे मालूम?"
"यही तो प्रॉब्लम है यार। इस देश में लाखों लोग ऐसे हैं जिन की कोई गारंटी नहीं दे सकता। फिर वोह भीख न मांगें तो क्या करें?"




                                                                 
 

















         

 








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