Friday, May 1, 2020

Masnooyi Tukhmrezi;कृत्रिम गर्भाधान; مصنوئی تخم ریزی ; Afsancha;लघु कहानी;افسانچہ

Masnooyi Tukhmrezi;कृत्रिम गर्भाधान;
 مصنوئی تخم ریزی
 Afsancha;लघु कहानी;افسانچہ 

कृत्रिम गर्भाधान 
बहुत वर्षों तक पति पत्नी बच्चे की प्रतीक्षा करते रहे। अंततः डॉक्टर ने उन की क्षति और निराशा को देखकर उन्हें परामर्श दिया की वे कृत्रिम गर्भधान के माध्यम से बच्चा पैदा करें। बहुत सोच विचार के बाद दोनों इस बात पर सहमत हो गए। 
सौभाग्य से उनके यहाँ  एक लड़का पैदा हुआ। दोनों को यह मालूम नहीं था कि शुक्राणु किसके थे मगर पिता को उम्र भर यह एहसास कचोटता रहा कि बच्चा उसका नहीं है इसलिए वह उसे वैसा प्यार नहीं दे सका जैसा एक बच्चे का अधिकार होता है। अलबत्ता माँ ऐसा नहीं कर पाई क्यूंकि वह उसकी कोख में नौ महीने रह चूका था और उसके शरीर का हिस्सा बन चुका था। 


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