Tuesday, March 9, 2021

Mahir-e-Jarahi;शल्य-चिकित्सा विशेषज्ञ; ماہرجراحی ; Ministory;लघु कहानी;افسانچہ

Mahir-e-Jarahi;शल्य-चिकित्सा विशेषज्ञ

 ماہرجراحی  

Ministory;लघु कहानी;افسانچہ 

शल्य-चिकित्सा विशेषज्ञ 

हमारे छोटे से क़स्बे में एक इंटरमीडिएट पास नाई शल्य-चिकित्सा की जानकारी रखता था। फोड़े फुंसियों की चीर-फाड़ का माहिर। कभी कभी नासूरों से भी नजात दिलवाता था। क्या मजाल कि वह हाथ लगाए और बीमार को रोगमुक्ति ना मिले। उसकी प्रसिद्धि दूर दूर तक फैल गयी। यह बात जब महाराजा तक पहुँच गई , उसने फैसला कर लिया कि नाई को प्रदेश से बाहिर किसी मेडिकल कॉलेज में शिक्षा दिलवाई जाये ताकि वह मनुष्य के जिस्म की बनावट से परिचित हो जाए और अपनी प्रतिभा में वृद्धि कर सके। 
कॉलेज की क़ैद से छूटते ही वह ग़ायब हो गया। उसकी दुकान पर स्थायी ताला लग गया। सभी लोग परेशान हो गए कि आखिर माजरा क्या है। बहुत समय के बाद जब खबर ठंडी पड़ गई तो उसने बड़े भाई को पत्र लिखा। "भाई जान, मुझे इस बात का एहसास है कि मेरे कारण आप सब लोग परेशान होंगे। वास्तव में जिस कॉलेज में मैंने तीन वर्ष शिक्षा और प्रशिक्षण  हासिल किया वहां मेरी आँखें खुल गईं। इससे पहले मुझे यह मालूम ना था कि मनुष्य के जिस्म की बनावट इतनी जटिल होती है। मैं चाकू उठाता था उससे गर्म करके चीर-फाड़ में लग जाता था। मगर अब पता चला है कि इस कार्यवाही में कितने जोखिम हो सकते हैं। अब मेरा हाथ किसी शरीर को छूने से भी कांपता है, चीर-फाड़ करने की तो बात ही नहीं। मेरे लिए यह व्यवसाय फिर से अपनाना नामुमकिन है। गांव में कोई दूसरा रोज़गार मिलने से रहा, अब मैं किसी को मुंह दिखाने के योग्य भी नहीं रहा।  इसलिए यहाँ इस शहर में एक हेयरकटिंग सैलून में बाल काटने का काम करता हूँ।"
भाई की आँखें पत्र पढ़ते पढ़ते भीग गईं।      



 

No comments:

Post a Comment

Jigree-My Kinship Carer Mother

       One mother gave me birth, and the other brought me up. I am more indebted to the latter, who looked after me from the age of twelve o...