Wednesday, March 10, 2021

Kuch To Log Kahenge;कुछ तो लोग कहेंगे; کچھ تو لوگ کہیں گے ; Ministory;लघु कहानी;افسانچہ

Kuch To Log Kahenge;कुछ तो लोग कहेंगे
 کچھ تو لوگ کہیں گے 
Ministory;लघु कहानी;افسانچہ 
 
कुछ तो लोग कहेंगे  

बहुत बड़ा भ्रष्टाचारी था वह। संपत्ति इकट्ठा करने के तरीक़े काश कोई उससे सीख लेता। 
एक बार उसकी बीवी कैंसर की जानलेवा बीमारी में ग्रस्त हो गई। लाखों रुपए खर्च करके आखिरकार उसकी बीवी की जान बच गई परन्तु पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाई। अब भी उसके इलाज पर हज़ारों रुपए प्रति वर्ष खर्च हो जाते हैं। 
कुछ लोग कहते हैं कि हराम की कमाई थी,गंदे नाले में बह गई। 
कुछ  लोगों का मानना है कि अंततः रुपया ही काम आ गया।  रुपए न होते तो बीवी का बचना मुश्किल था। 
कुछ लोग यह भी कहते हैं कि अगर वह ब्रष्टाचारी न होता तो उसको यह दिन ना देखने पड़ते। 
लोग बहुत कुछ कहते हैं लेकिन उसे मालूम है कि वह बीते हुए कल को वापस नहीं ला सक्ता। 

 

No comments:

Post a Comment

Jigree-My Kinship Carer Mother

       One mother gave me birth, and the other brought me up. I am more indebted to the latter, who looked after me from the age of twelve o...