Sunday, March 7, 2021

Mange Ka Ujala; मांगे का उजाला; مانگے کا اجالا ; Ministory;लघु कहानी;افسانچہ

Mange Ka Ujala; मांगे का उजाला; مانگے کا اجالا 
Ministory;लघु कहानी;افسانچہ

मांगे का उजाला 

उसने एक के बाद एक चार शादियां कर लीं फिर भी औलाद के लिए तरस रहा था। दोस्तों ने परामर्श दिया कि किसी डॉक्टर से जाँच करवा लो ताकि कारण मालूम हो जाए परन्तु उसे डर था कि कहीं उसी में कोई नुक्स ना निकल जाये फिर उसकी थुड़ी थुड़ी हो जायेगी। 
फिर भी उस ने तीन औरतों को तलाक़ देकर चौथी से शादी करली, वह काफी अक़लमंद निकली। उसको तो यह बात जल्दी समझ में आई कि उसका पति बीवियों को इसलिए बदल रहा है ताकि उसको वारिस मिल जाए। इसलिए उसने अपने लड़कपन के दोस्त से संपर्क करके बच्चा पैदा कर लिया। पति ख़ुशी से फूले न समाया। उसने अपने वारिस का भावभीनी से स्वागत किया। किन्तु मरते दम तक उसको अंदर ही अंदर यह प्रश्न दीमक की तरह चाटता रहा कि जो काम तीन स्त्रियां अंजाम ना दे पाईं वह फिर चौथी से कैसे मुमकिन हुआ ?


 

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