Friday, April 10, 2020

Eeqaan: ایقان विश्वास; Afsancha;लघु कहानी ;افسانچہ

Eeqaan: ایقان विश्वास
 Afsancha;लघु कहानी ;افسانچہ 

विश्वास

एक मनुष्य ने पादरी से कहा, "फादर, आप उन लोगों को रोकते क्यों नहीं जो चक्रवात की चेतावनी के बावजूद अपने जाल लेकर समुद्र में मछलियां पकड़ने जा रहे हैं।"
पादरी चर्च में हर रविवार को लोगों को समझाता और यक़ीन दिलाता था कि ईश्वर अभिभावक तथा संरक्षक है और हर नेक मनुष्य की रक्षा करता है हालाँकि उसको मालूम था कि चर्च से बाहर निकल कर लोग सब कुछ भूल  जाते हैं और अपने अच्छे बुरे कामों में व्यस्त हो जाते हैं। 
उसने सोचा कि अगर चला जाओं तो हो सकता है मैं स्वयं ही चक्रवात में फँस जाओं और फिर मुझे बचाने वाला  कोई नहीं होगा। 
उस दिन समुद्री तट पर एक सौ से ज़्यादा लोग डूब कर मर गए परन्तु पादरी गिरजाघर में सुरक्षित रहा।     




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