Tuesday, April 21, 2020

Keena Toz:کینہ توز ;विद्वेषी : (Urdu/Hindi); Afsancha;लघु कहानी;افسانچہ

Keena Toz:کینہ توز ;विद्वेषी 
 Afsancha;लघु कहानी;افسانچہ 

विद्वेषी 
वह अपनी बेटी से जितना प्यार करता था उतनी ही नफरत उसकी माँ से करता था यहाँ तक कि उसकी उपस्थिति से विकल होता था। अंततः दोनों का तलाक़ हो गया और पिता ने बेटी को माँ से छीन कर अपने पास रख लिया। 
बेटी पढ़ लिख कर जवान हो गई और डॉक्टर बनकर अमेरिका चली गई। माँ की जुदाई ने उसे खिन्न और प्रतिशोधी बना दिया था। अंततः वह फेसबुक के माध्यम से अपनी माँ को ढूंढने में सफल हो गई और फिर भारत आकर उसको अपने साथ ले गई। 
वृद्ध पिता को खर्चे के लिए वह अमेरिका से रुपये भेजती रही मगर उसको देखने की इच्छा कभी ना हुई। उन दिनों भी नहीं जब वह प्राणनाशक कैंसर में ग्रस्त अस्पताल में तड़प रहा था। 



No comments:

Post a Comment

Rishton Ke Maheen Reshe: Ashma Kaul – Deepak Budki

              Rishton Ke Maheen Reshe: Ashma Kaul                                       – Deepak Budki A collection of Hindi short stories t...