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Sunday, March 24, 2024
Saturday, February 24, 2024
Saturday, September 16, 2023
Wednesday, September 13, 2023
Tuesday, April 14, 2020
Promotion: پرموشن पदोन्नति ;Afsancha;लघु कहानी;افسانچہ
Promotion: پرموشن पदोन्नति
Afsancha;लघु कहानी;افسانچہ
पदोन्नति
कोर कमांडर के पद पर जनरल समीर चंद्र की पदोन्नति हुई। उनकी सत्यनिष्ठा और ईमानदारी की चर्चा हर तरफ थी यहाँ तक कि जिस किसी की अलमारी में सड़े-गले पिंजर थे कोर कमांडर के पदभार ग्रहण करने से पहले ही उसने साफ़ कर दिए। जनरल साहब को देखकर मैं बहुत प्रभावित हुआ, जैसा सुना था वैसा ही सख्त काम लेने वाला और क़ानून का पालन करने वाला पाया।
एक बार यूँही मेस बार में एक सहकर्मी से वार्तालाप हुआ। मैंने कहा, "कितना महान है मेरा देश, ईमानदारों का सम्मान करता है। जनरल समीर चंद्र ने अपनी सत्यवादिता के कारण कई अफसरों को पीछे छोड़ कर तरक्की पाई।"
सहकर्मी ने ठहाका लगाकर उत्तर दिया, "कर्नल साहब, किस दुनिया में रहते हो, जनरल समीर चन्दर के साथ जनरल गजेंद्र यादव को भी पदोन्नति मिली है। उस जैसा भ्रष्ट और बेईमान अफसर तो मेरी नज़र से और कोई नहीं गुज़रा।
Saturday, April 11, 2020
Imaan ki Qeemat: ایمان کی قیمت ;ईमान की क़ीमत ; Afsancha;लघु कहानी ; افسانچہ
Imaan ki Qeemat: ایمان کی قیمت ;ईमान की क़ीमत
Afsancha;लघु कहानी ; افسانچہ
ईमान की क़ीमत
रिश्वत की रक़म उसे कुछ मामूली सी लगी। सोचता रहा कि इतनी छोटी सी रक़म के लिए क्यों अपना ईमान बेच दूँ।
फिर अंदर से आवाज़ आई। ले लो भाई, जो कुछ मिलता है। तुम कौनसे केंद्रीय या राज्य मंत्रिमंडल के मंत्री हो जो करोड़ों का कमीशन मिल जाए गा। जो मिलता है उसे ग़नीमत समझ लो और आगे की ऊपर वाले पर छोड़ दो। तुम हर रोज़ उसकी पूजा करते हो और फिर दान भी तो देते हो। वह किसी को निराश नहीं करता।
Thursday, April 9, 2020
I Love You Darling; آئی لّو یو ڈارلنگ ;आई लव यू, डार्लिंग; Afsancha; लघु कहानी ;افسانچہ
I Love You Darling; آئی لّو یو ڈارلنگ
आई लव यू, डार्लिंग
Afsancha; लघु कहानी ;افسانچہ
आई लव यू, डार्लिंग
अपने शरीर की प्यास बुझाते हुए मेरी प्रेमिका बार-बार पूछ रही थी, "क्या तुम मुझे हमेशा इसी तरह प्यार करते रहो गे?"
उसके देह की गर्मी को अपने अंदर समाहित करते हुए मुझे मजबूर होकर उत्तर देना पड़ा, "यस डार्लिंग, आई लव यू वैरी मच। मैं सदा तुम से प्यार करता रहूँगा।" कौन जाने वह विश्वास कर बैठी या फिर भरोसा करने का नाटक करती रही, अलबत्ता दोनों को मालूम था कि हम एक दुसरे के कभी नहीं हो सकते। वह समुद्र पार अपने पति की बाँहों में झूलती रही और मेरी बेगम मेरी बाँहों में।
बहुत वर्ष बाद हमारा आमना सामना दिल्ली के एक मॉल में हुआ। वह अपने पति के संग खरीदारी में मगन थी और मैं अपनी पत्नी के साथ। मुझे देखते ही ना जाने वह कहाँ ग़ायब हो गयी। शायद मॉल से बाहर चली गयी थी।
मॉल की भीड़ में मेरी आँखें उसे बहुत देर तक ढूंढती रहीं। मुझे यूँ महसूस हो रहा था कि सभी जोड़े एक दुसरे से कुछ छुपा रहे हैं और हर औरत अपने प्रेमी से दबी ज़बान में कह रही है, "आई लव यू डार्लिंग, क्या तुम मुझे हमेशा इसी तरह प्यार करते रहो गे।"
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Wednesday, April 8, 2020
Qarzdar:ऋणग्रस्त;قرض دار ; Ministory ; लघु कहानी ;افسانچہ
Qarzdar:ऋणग्रस्त;قرض دار
Ministory ; लघु कहानी ;افسانچہ
ऋणग्रस्त
मेरी समझ में यह बात कभी नहीं आई कि मैं अपने माता-पिता, विशेष रूप से माता का ऋणी क्यूँकर हो गया जबकि उन्होंने मेरी सहमति के बग़ैर ही मुझे इस नरक जैसी दुनिया में लाकर पटक दिया? उन्हों ने ऐसा क्या काम किया जिसके कारण मैं उनका ऋणी ठहरा? इसलिए मैंने बहुत समय पहले निर्णय लिया कि मैं स्वयं ऐसी ग़लती कभी नहीं करूँगा।
तथापि अपने एकाकीपन से तंग आकर मैं भी वही भारी भूल कर बैठा जो मेरे माता-पिता ने की थी।
अब मेरा बेटा भी प्रश्नात्मक नज़रों से मुझे घूरता रहता है।
Tuesday, April 7, 2020
Nazar Andaz: نظر انداز (Urdu/Hindi); UrduMinistory;लघु कहानी;افسانچہ
Nazar Andaz: نظر انداز
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उपेक्षित
घर लौटते समय वह बहुत उदास नज़र आ रही थी। कमरे में घुसकर एक बड़े दर्पण के सामने स्वयं को निहारने लगी। फिर अपने पुत्र से संबोधित हुई, "साइमन, क्या मेरा चेहरा बदसूरत नज़र आ रहा है?"
"ओह नो मम्मी, आप ऐसा क्यों सोच रही हैं। बाई गॉड आप तो किसी भी कोण से तीन बच्चों की माँ नहीं लगतीं।"
"साइमन, फिर क्या कारण है कि आज घर लौटते समय बाज़ार में किसी पुरुष ने मेरी तरफ देखा तक नहीं?"
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Tuesday, February 20, 2018
Urdu Ke Ghair Muslim Afsana Nigar (Book Review): (اردو کے غیر مسلم افسانہ نگار (تبصرہ ; Author: Deepak Budki; Reviewer:Dr Renu Behl
Urdu Ke Ghair Muslim Afsana Nigar;Book Review
(اردو کے غیر مسلم افسانہ نگار (تبصرہ
Author: Deepak Budki;Reviewer: Dr Renu Behl
Ab Main Wahan Nahi Rehta (Book Review): اب میں وہاں نہیں رہتا ؛تبصرہ ; Author: Deepak Budki; Reviewer:Quasim Rasa
Ab Main Wahan Nahi Rehta;Book Review
اب میں وہاں نہیں رہتا ؛تبصرہ
Author: Deepak Budki;Reviewer: Quasim Rasa
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