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Tuesday, March 16, 2021

Jannat; स्वर्ग; جنّت; Ministory;लघु कहानी;افسانچہ

Jannat; स्वर्ग; جنّت 
Ministory;लघु कहानी;افسانچہ 

स्वर्ग

स्वर्ग के द्वार पर वहां के दरबान ने उसको रोक लिया और पुछा, "तुमने जीवन में ऐसा कौन सा काम किया है कि तुम्हें स्वर्ग के अंदर जाने दिया जाये।" 
"हज़ूर, मैं ने स्वर्ग पाने के लिए क्या कुछ नहीं किया। तीस नास्तिकों का संहार किया, उन की पत्नियों को विधवा और बच्चों को अनाथ बना दिया जबकि और भी बीस बालक अपाहिज हो गए। इस तरह बाक़ी लोगों को समझ आजाये गा कि नास्तिक होने का परिणाम क्या होता है और खुदा का क़हर किस को कहते हैं। परिणाम स्वरुप वह भविष्य में ईश्वर के आदेशों का नियमित रूप से पालन करें गए।"
"सच, तुम ने तो बहुत बड़ा काम किया है। हमने तुम्हारे जैसे लोगों  के लिए अलग से एक स्थान निर्धारित किया है।  तुम सामने वाली नदी को पार करके सीधे  चले जाओ जहाँ से धुवें के बादल उठ रहे हैं। वहां एक ऐसा ही दरवाज़ा मिले गा। उस जगह पर तुम्हारे स्वागत  के लिए सिकंदर, हलाकू, चंगेज़ खान, तैमूर, हिटलर और मुसोलिनी जैसे बड़े बड़े सूरमा बेचैनी से इंतज़ार कर रहे हूँगे। 

 

Tuesday, April 7, 2020

Jannat Ka Visa:स्वर्ग का वीज़ा; جنّت کا ویزا ;(اردو /हिंदी); افسانچہ ;लघु कहानी; Ministory.

Jannat Ka Visa:स्वर्ग का वीज़ा; جنّت کا ویزا  
(اردو /हिंदी)
 افسانچہ ;लघु कहानी; Ministory.

स्वर्ग का वीज़ा 

जिन दिनों मैं वड़ोदरा में तैनात था एक ट्रेड यूनियन लीडर केंद्रीय सरकार की हज आयोजन समिति के साथ मक्का जाने की दौड़धुप  कर रहा था, इसलिए अपने प्रार्थना पत्र पर मेरी सिफ़ारिश का इच्छुक था। सिफ़ारिश तो मैंने लिख दी मगर साथ ही उसको नसीहत भी की, "बसारत अली, सरकारी खर्चे पर हज क़बूल नहीं होता।"
बहुत समय बाद विभाग के एक वरिष्ठ अफसर ने मुझे अपने साथ कृष्ण की नगरी द्वारिका चलने का आदेश  दिया। क्या करता, वरिष्ठों के आदेश का उल्लंघन करना असंभव है, इसलिए चल पड़ा। बातचीत के दौरान मालूम हुआ कि उन्हें जल्दी ही सेवामुक्त होना है, तीन धामों की यात्रा सरकारी खर्चे पर कर चुके हैं लेकिन चौथे धाम, द्वारिका, की यात्रा अभी बाक़ी है। इसलिए रिटायरमेंट से पहले वह आरज़ू भी पूरी करना चाहते हैं। जी में आया कि  कह दूँ सरकारी खर्चे पर यात्रा स्वीकार नहीं होती मगर दो महीनों के बाद उन्हें मेरी गोपनीय रिपोर्ट लिखनी थी इसलिए खामोश रहना ही उचित समझा। 
अभी तक दोनों स्वर्ग के वीज़ा की प्रतीक्षा कर रहे हैं।    

 

Jigree-My Kinship Carer Mother

       One mother gave me birth, and the other brought me up. I am more indebted to the latter, who looked after me from the age of twelve o...